Aditri Looms and Crafts
Aditri looms and crafts
a a s h n a
भीड़ से हूँ
ग़र भीड़ की नहीं
देखा होगा मुझे
घरों की चार दिवारी में
नहीं तो दफ़्तर में यूँ ही
गफ़लतन
कुछ तो हूँ
तुम जैसी
कुछ तो हूँ
मुझ जैसी
साया आशना होगा
आशना हुईं होंगी राहें
ग़र भीड़ से हूँ
भीड़ की नहीं
Saree: resham silk jamdani
423
views
1
fave
0
comments
Uploaded on April 7, 2021
Taken on February 22, 2021
a a s h n a
भीड़ से हूँ
ग़र भीड़ की नहीं
देखा होगा मुझे
घरों की चार दिवारी में
नहीं तो दफ़्तर में यूँ ही
गफ़लतन
कुछ तो हूँ
तुम जैसी
कुछ तो हूँ
मुझ जैसी
साया आशना होगा
आशना हुईं होंगी राहें
ग़र भीड़ से हूँ
भीड़ की नहीं
Saree: resham silk jamdani
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Uploaded on April 7, 2021
Taken on February 22, 2021