gosewa
Blessing of cow
गोमाता के सामने घास रखकर इस प्रकार कहना चाहिये संसार की समस्त गाये मेरी माताएँ और सम्पूर्ण वृषभ मेरे पिता हैं। गोमाताओं! मैंने तुम्हारी सेवा में यह घास की मुट्ठी अर्पण की है, इसे स्वीकार करो। यह मन्त्र पढ़कर अथवा गायत्री का उच्चारण करके एकाग्रचित्त से घास को अभिमनित्रत करके गौ को खिला दे। ऐसा करने से जिस पुण्यफलकी प्रापित होती है | उस पुरुष ने जान-बूझ कर या अनजान में जो-जो पाप किये होते हैं, वे सब नष्ट हो जाते हैं तथा उसको कभी बुरे स्वप्न नहीं दिखायी देते।
Blessing of cow
गोमाता के सामने घास रखकर इस प्रकार कहना चाहिये संसार की समस्त गाये मेरी माताएँ और सम्पूर्ण वृषभ मेरे पिता हैं। गोमाताओं! मैंने तुम्हारी सेवा में यह घास की मुट्ठी अर्पण की है, इसे स्वीकार करो। यह मन्त्र पढ़कर अथवा गायत्री का उच्चारण करके एकाग्रचित्त से घास को अभिमनित्रत करके गौ को खिला दे। ऐसा करने से जिस पुण्यफलकी प्रापित होती है | उस पुरुष ने जान-बूझ कर या अनजान में जो-जो पाप किये होते हैं, वे सब नष्ट हो जाते हैं तथा उसको कभी बुरे स्वप्न नहीं दिखायी देते।